कभी सब पर प्यार आता है तो कभी प्यार के नाम से गुस्सा आता है ।
कभी दुनिया बदलने का ख्याल आता है तो कभी खुद को बदलने का जी चाहता है ।
कभी खुद पर गर्व होता है तो कभी खुद पर शर्म आती है ।
कभी लगता है मैं पूर्ण हु तो कभी अधूरापन सताता है ।
जीवन तो चाँद की तरह रोज़ अपना रूप बदलते जाता है
कशफ
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